लॉकडाउन कब तक रहेगा- कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Outbreak) के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन का पहला चरण 25 मार्च से शुरू किया था। बाद में इसे दो बार बढ़ाया गया। तीसरे चरण (Lockdown 3.0) की मियाद 17 मई को खत्म हो रही है।
लॉकडाउन कब तक रहेगा
देशभर में लॉकडाउन को डेढ़ महीने से ज्यादा वक्त गुजर चुका है। हम लॉकडाउन के तीसरे चरण में हैं। फिलहाल रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन बनाकर कुछ रियायतें दी गई हैं मगर इकनॉमिक ऐक्टिविटीज ठप पड़ जाने से नया संकट पैदा हो गया है। सरकार ने कंस्ट्रक्शन, रिटेल और मैनुफैक्चरिंग को शुरू करने के लिए लॉकडाउन 3.0 में कई रियायतें दी थीं। हालांकि कई राज्यों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए बड़े इलाकों में कई प्रतिबंध जारी रखे। 17 मई के बाद क्या होगा, इसे लेकर सरकार प्लान बनाने में जुटी है। इस बात पर चर्चा चल रही है कि पूरे जिले में प्रतिबंध की बजाय सिर्फ उन इलाकों में लॉकडाउन किया जाए, जहां Covid-19 के मामले हैं। सूत्रों के मुताबिक, कोरोना के चलते पैदा हुए आर्थिक संकट को कम करने के लिए कंटेनमेंट जोन्स के बाहर इकनॉमिक ऐक्टिविटीज को मंजूरी दी जा सकती है।
फ़िलहाल कही नही जाएगा कोरोना
सरकार बार-बार कह चुकी है कि कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी। इस चुनौती से निपटने के लिए सावधानी ही उपाय है। वैक्सीन तैयार होने और उसे सबतक पहुंचने में वक्त लगेगा, तब तक देश को लॉकडाउन में नहीं रखा जा सकता।
'बड़े इलाकों को बंद करना ठीक नहीं'
सरकार के भीतर ये राय बन रही है कि बड़े एरिया का बंद करना मुफीद नहीं रहेगा। इसलिए ऐसी स्ट्रैटजी बनाने की जरूरत है जिसमें एक खास लोकेशन पर कोरोना से निपटा जाए और इकनॉमिक ऐक्टिविटीज शुरू हो सकें।
सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क बनेगा हथियार
लॉकडाउन खत्म होने के बाद, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को आम जीवन का हिस्सा बनाना पड़ेगा। नहीं तो वायरस के फैलने का खतरा वैसा ही बरकरार रहेगा। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं। लोगों को बाहर निकलते समय बेहद सावधान रहना होगा। पब्लिक प्लेसेज पर सैनिटाइजर्स की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, संदिग्धों की टेस्टिंग और उनकी बेहतर रिकवरी के लिए हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की जरूरत है।